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संतुलित आहार

खोराक से शरीर को पोषण मिलता है जो शारीरिक विकास, कार्य और आरोग्य के लिए ज़रूरी है|

हमारी खिरक मैं सभी ज़रूरी पोषक तत्त्व सही मात्रा मैं होने चाहिए – बहुत ज़्यादा या बहुत काम पोषक तत्त्व नुकसान कर सकते हैं| पोषक तावता की आवश्यकता उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि, किशोरावस्था, गर्भावस्था इत्यादि से बदल सकती है|

आहार मात्रा और गुणवत्ता दोनों से संतुलित होना चाहिए|

आहार की मात्रा का संतुलन (कैलोरी/ऊर्जा):

स्वस्थ वजन बनाये रखने के लिए याद रखें की “जितनी कैलोरी खाएं = उतनी कैलोरी इस्तेमाल करें”| आहार से प्राप्त कैलोरी शारीरिक कार्य के लिए इस्तेमाल करि जाती है (जैसे की चलना, सांस लेना, पाचन क्रिया आदि)| अगर हम ज़रुरत से ज़्यादा कैलोरी खाते हैं, तोह अतिरिक्त कैलोरी शरीर मैं चर्बी की तरह जमा होती है और उससे वजन बढ़ता है| जब हम ज़रुरत से कम कैलोरी लेते हैं तो शरीर मैं जमा की हुई चर्बी शारीरिक क्रिया के लिए इस्तेमाल होती है और वजन काम होता है| एहि ऊर्जा संतुलन का मौलिक नियम है|

आहार से मिली ऊर्जा/कैलोरी की ज़रुरत उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि, किशोरावस्था, गर्भावस्था इत्यादि से बदलती है| पुरुषो को स्त्री की तुलना मैं ज़्यादा कैलोरी की ज़रुरत होती है| 

एक दिन मैं कितनी कैलोरी की आवश्यकता होती है?

  1. वजन घटाने के लिए        – 24 – 29 कैलोरी प्रति किलो (शारीरिक वजन)
  2. वजन बनाये रखने के लिए     – 31 – 35 कैलोरी प्रति किलो (शारीरिक वजन)
  3. वजन बढ़ने के लिए          – 40 – 44 कैलोरी प्रति किलो (शारीरिक वजन)

आहार की गुणवत्ता का संतुलन:

५ प्रकार के पोषक तत्त्व होते हैं

स्थूल पोषक तत्त्व: जिनकी आहार मैं ज़्यादा  मात्रा मैं ज़रुरत होती है (कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन, चर्बी)

सुक्ष्म पोषक तत्त्व: जिनकी आहार मैं कम मात्रा मैं ज़रुरत होती है (विटमैन और मिनरल्स)

कैलोरी की ज़रूरियात की गिनती के बाद, निम्न लिखित तरीके से स्थूल पोषक तत्त्व की गिनती करें:

1.    कार्बोहायड्रेट        – कुल कैलोरी का 50-60%

2.    प्रोटीन            – कुल कैलोरी का 15-20%

3.    चर्बी            – कुल कैलोरी का 20-30%

कार्बोहायड्रेट

कार्बोहायड्रेट हमारे आहार मैं ऊर्जा का प्रमुख स्रोत हैं| 

सामान्य कार्बोहायड्रेट: उदहारण से दूध मैं लैक्टोज़, फल मैं ग्लूकोस और फ्रुक्टोज|

मिश्रित कार्बोहायड्रेट: जिसको हजम करने मैं ज़्यादा समय लगता है|

१. स्टार्च/ माड़ीदार कार्बोहायड्रेट-

  1. अनाज जैसे गेहू, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का
  2. दाल जैसे छोले, राजमा, चना दाल, टूर दाल, मसूर दाल आदि| इनमें प्रोटीन की मात्रा भी ज़यादा होती है|
  3. आलू
  4. फल जैसे केला, चीकू, आम, गन्ना
  5. चीनी, गुड़, खजूर

२. फ़िब्रोस/ रेशेदार  कार्बोहायड्रेट-

  1. आलू के अलावा सभी सब्ज़ियां (पत्ता गोभी, फूल गोभी, करेला, बैगन आदि)
  2. फल जैसे सेब, अनानास, तरबूज

प्रोटीन

शरीर की कोशिकाओं की रचना और कार्य को बनाये रखने मैं मदद करते हैं| शरीर का आधा प्रोटीन मास-पेशी मैं पाया जाता है|

उदहारण – 

  1. दूध और दूध उत्पाद (जैसे चीज़, पनीर, दही आदि)
  2. दाल 
  3. मूंगफली 
  4. सोया, टोफू
  5. अंडे 
  6. मांसाहारी भोजन

चर्बी:

चर्बी मैं ज़्यादा मात्रा मैं ऊर्जा / कैलोरी होती है

चर्बी के शरीर मैं अनेक कार्य होते हैं जैसे की कोशिकाओं की निर्माण, होर्मोनेस और पित्त बनाना, विटमैन A , D , E  , K को आत्मसात करना|

चर्बी सभी खाद्य पदार्थ मैं कुछ मात्रा मैं पायी जाती है| अगर कार्बोहायड्रेट और प्रोटीन सही मात्रा मैं लिया जाए, तोह चर्बी अधिक मात्रा मैं लेने की ज़रुरत नहीं है|

उदहारण: घी, मख्खन, तेल (सूरजमुखी, जैतून, तिल), अखरोट, सन के बीज, सूखे मेवे

सुक्ष्म पोषक तत्त्व –

इनकी आहार मैं कम मात्रा मैं ज़रुरत होती है

विटमैन

विटमैन A – अच्छी दृष्टि, शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक शक्ति के लिए ज़रुरत है| पीले और केसरी फलो मैं पाया जाता है जैसे आम, गाजर, कद्दू, पापाया; हरी सब्ज़ियां और अंडे|

विटामिन B complex – यह शरीर की नसें और रक्त की कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है| यह पाए जाते हैं हरी सब्ज़ियां, दूध और दूध उत्पाद और अंडे मैं|

विटामिन C – रोग प्रतिरोधक शक्ति के लिए ज़रूरी है| यह पाया जाता है नीबू, टमाटर, आवला, संतरा वगेरे मैं

मैं|

विटामिन D – यह दांत और हड्डियों को स्वस्थ रखता है| यह सूर्य की किरणों से शरीर मैं अपने आप बन सकता है| यह पाया जाता है दूध और दूध उत्पाद और अंडे मैं|

मिनरल्स:

आयरन (लोहा): यह हीमोग्लोबिन बनाने मैं मदद करता है, जो शरीर मैं ऑक्सीजन पहुंचता है| यह पाया जाता है हरी सब्ज़ियां, सेब, खजूर, अनार वगेरे मैं|

कैल्शियम: यह दांत और हड्डियों को स्वस्थ रखता है| यह पाया जाता है हरी सब्ज़ियां, दूध और दूध उत्पाद और अंडे मैं| बच्चे और वृद्ध दोनों को कैल्शियम की आवश्यकता ज़्यादा होती है|

आयोडीन: यह थाइरोइड ग्रंथि के कार्य के लिए ज़रूरी है| पहाड़ी इलाको के अलावा यह सभी चीजों मैं पाया जाता है|

जिंक: यह  रोग प्रतिरोधक शक्ति और विकास के लिए ज़रूरी है| यह अनाज से, हरी सब्ज़ियों, दूध और दूध उत्पाद और बादाम आदि मैं पाया जाट है|

नीचे का चित्र संतुलित आहार का क्षार देती है|

(Ref: Dietary guidelines for Indians – A manual, National Institute of Nutrition, Hyderabad, 2011)

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