079 3010 1008 dr.a.j.12320@gmail.com
+91 7666373288

खोराक और मोटापा

भारत मैं मोटापे की संख्या बढ़ती जा रही है और ५% आबादी इससे ग्रस्त है| इसकी वजह है शहरी और पश्चिमीकरण जीवनशैली, समृद्धि की वजह से अति ऊर्जा वाले खाद्य पदार्थ की आसान प्राप्ति, और गतिहीनता|

भारतीय परंपरागत खोराक जिसमे अनाज, दाल, हरी सब्जियां, दूध और फल शामिल है, यह संतुलित और पौष्टिक है| पर आज कल, पश्चिमीकरण की वजह से फ़ास्ट फ़ूड (यानी प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ) लोक-प्रिय है| उद्धरण से बिस्किट्स, वेफर्स, चिप्स, नूडल्स वगेरे| पर फ़ास्ट फ़ूड केवल ऊर्जा (calories) से भरपूर है और पोषण में हल्का है|

मोटापा सिर्फ दिखावे की समस्या नहीं है| यह स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता  है| डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट प्रॉब्लम, दिमाग में स्ट्रोक, वगेरे बीमारियां मोटापे के मरीज़ को अधिकतर होती है|

तो मोटापा घटाने के लिए क्या किया जा सकता है?

  1. आहार
  • घर का बन हुआ (अप्रकमित) खाना खाये – जैसे की रोटी, सब्ज़ी, दाल, चावल, दूध, दही और फल| पर इसका मतलब यह नहीं की बहार का खाना कभी नहीं खा सकते| ज़्यादातर (करीब ८०%) घर का खाना लेना चाहिए और कभी बहार का खा सकते हैं|
  • खोराक में फल, सब्ज़ी और रेशेदार खाद्य पदार्थ ज़्यादा ले
  • प्रोटीन वाला खोराक ज़्यादा ले
  • चर्बी, तेल और शक्कर काम इस्तेमाल करें |
  • खाना अच्छे से चबा कर धीमे खायें
  • ऊबे हुए या भावुक परिस्थिति में खाने न खायें – सुबह नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन करें| इनके बीच मैं स्नैक्स या खाना न खायें| ऊबे हुए या भावुक परिस्थिति में ज़रुरत से ज़्यादा खाने की सम्भावना होती है|
  • खोराक में भी फैशन चलता है, उसको पहचाने – खोराक जैसे की कीटो डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग वगेरे लोक प्रिय है| यह दावा देते हैं की इससे वजन काम होता है| अलग अलग प्रकार के डाइट्स पहले भी आये थे और नहीं चले| ऐसे डाइट्स का लम्बे समय तक पालन कारना मुश्किल है और यह डाइट छोड़ने पे वजन वापस आ जाता है| यह जाल में न फसें|
  • हाई फ्रुक्टोसे कॉर्न सिरप वाले खाद्य पदार्थ न लें – यह एक प्रकार का स्वीटनर है जो खोराक को मीठा बनता है| इसमें से कोई पोषण नहीं मिलता| यह लिवर में चर्बी जमा करता है, और फैटी लिवर की समस्या हो सकती है| यह आता है कोल्ड ड्रिंक्स (कोला वगेरे), मिष्टान्न, पैक फल के रास, आइस क्रीम, जैम, ब्रेड और एनर्जी ड्रिंक में|
  • छोटी थाली का इस्तेमाल करें – इससे कम खाने में मदद होती है|
  • संतुलित आहार के लिए ज़्यादा जानकारी के लिए जाएँ www.DrAbhinavJain.com/January
  1. नियमित व्यायाम – इसके बारे में ज़्यादा जानकारी मिलेगी www.DrAbhinavJain.com/March पर|
  2. तनाव घटाना – रात को ७-८ घंटे की नींद ले 

Dr. Abhinav Jain

Dr Ankita Jain

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *